तेरी मेरी गल्लां हो गयी मशहूर
कर ना कभी तू मुझे नज़रों से दूर
किथे चली ऐ तू किथे चली ऐ तू
किथे चली ऐ किथे चली ऐ

जाणदा ऐ दिल ये तो जाणदि ऐ तू
तेरे बीन मैं ना रहूं मेरे बिना तू
किथे चली ऐ तू किथे चली ऐ तू
किथे चली ऐ, जान चली ऐ

काटूं कैसे रातां ओह सावरे?
जिया नहीं जाता सुन बावरे?

के रातां लंबियाँ लंबियाँ रे
कटे तेरे संगेयां संगेयां रे
के रातां लंबियाँ लंबियाँ रे
कटे तेरे संगेयां संगेयां रे

चम चम चम अम्बरां दे तारे
कहन्दे ने सजना
तू ही चन मेरे इस दिल दा
मान ले वे सजना

तेरे बिना मेरा होवे ना गुज़ारा
छड़ के ना जावीं मैनु
तू ही है सहारा

काटूं कैसे रातां ओह सावरे?
जिया नहीं जाता सुन बावरे?

के रातां लंबियाँ लंबियाँ रे
कटे तेरे संगेयां संगेयां रे
के रातां लंबियाँ लंबियाँ रे
कटे तेरे संगेयां संगेयां रे

के रातां लंबियाँ लंबियाँ रे
कटे तेरे संगेयां संगेयां रे
के रातां लंबियाँ लंबियाँ रे
कटे तेरे संगेयां संगेयां रे

—————-x———

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.